ज्योतिर्मठ:
दिनांक 20 अगस्त से 23 अगस्त तक खेल निदेशालय उत्तराखंड के सौजन्य से हरिद्वार में आयोजित हुई राज्य स्तरीय टेबल टेनिस खेल प्रतियोगिता संपन्न हो गई है। इस टीटी खेल प्रतियोगिता में सरकारी ज्योर्तिमठ टेबल टेनिस खेल प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम से कुल 12 नेशनल लेवल टीटी प्रशिक्षु खिलाड़ी बच्चों ने प्रतिभाग किया है। इस राज्य स्तरीय टेबल टेनिस खेल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हुए ज्योतिमठ टीटी खेल प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम के होनहार पांच बालिका खिलाड़ियों ने समस्त राज्य में अंडर 17 आयु वर्ग में टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल्स प्राप्त किया है ।


अंडर 19 आयु बालिका टीम स्पर्धा में समस्त राज्य में देहरादून जनपद से कड़े संघर्षपूर्ण फाइनल मुकाबले 3/2 से द्वितीय स्थान सिल्वर मैडल ज्योर्तिमठ ने प्राप्त किया है और इसी राज्य टीटी कंपीटीशन महिला वर्ग में भी समस्त राज्य में देहरादून जनपद से कड़े मुकाबले के बाद ज्योर्तिमठ की होनहार बेटियों ने सिल्वर मैडल प्राप्त किया है इसी प्रकार बालक वर्ग में भी अंडर 17 आयु वर्ग में ज्योर्तिमठ के होनहार बालकों ने भी कांस्य पदक प्राप्त किया है और अंडर 19 आयु वर्ग में बेहद मामूली अंतर से मात्र एक प्वाइंट से पौड़ी जनपद से ज्योर्तिमठ चमोली को हार का सामना करना पड़ा जिसमें ज्योर्तिमठ के खिलाड़ियों के बताए अनुसार उक्त टीटी प्रतियोगिता में गलत और भेदभाव पूर्ण एम्पायरिंग के चलते पहाड़ी क्षेत्र के प्रतिभावान बच्चों को मैडल मैच के आखिरी निर्णायक प्वाइंट पर एम्पायर द्वारा गलत रूप से फाउल दे दिया गया और दूसरी टीम को विजेता घोषित कर दिया गया और एक और टीम मैडल ज्योर्तिमठ के खिलाड़ियों के हाथ से निकल गया। ऐसा ज्योतिमठ के खिलाड़ियों द्वारा अपने कोच और मैनेजर विजय कुमार को विरोध दर्ज करवाया गया जिस पर कोच द्वारा भी आगे ऑफिशल मौखिक विरोध दर्ज करवाया गया था और ज्योतिमठ के बाल टीटी खिलाड़ियों द्वारा एक ऑब्जेक्शन पत्र भी जिला क्रीड़ा अधिकारी हरिद्वार को दिया गया जो वही पर उपस्थित थी परन्तु उन्होंने भी इस बात पर कोई कार्यवाही नहीं की बल्कि स्टेट टेबल टेनिस एसोसिएशन के प्रभावशाली पदाधिकारियों द्वारा नेशनल लेवल कोच और ज्योतिमठ के खिलाड़ियों पर गलत रूप से कार्यवाही करने और कॉन्ट्रेक्ट कोच नौकरी छुड़वाने की बात की गई और ज्योर्तिमठ के नेशनल लेवल कोच ने भी नौकरी से त्यागपत्र दे देने की बात कही जिसके कारण ज्योर्तिमठ के सभी 12 बाल टीटी खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति पर बहुत असर हुआ और उन्होंने आगे के सभी एकल मैच छोड़ दिए और मैचों में गलत एम्पायरिंग के चलते उनके खेलने का उत्साह ही खत्म हो गया। जबकि ज्योर्तिमठ से आने वाले सभी टीटी खिलाड़ी नेशनल लेवल खिलाड़ी हैं और उनको रूल्स का अच्छे तरह से पता रहता है। स्टेट एसोसिएशन द्वारा अपनी सफाई में सस्ते एम्पायर का बहाना किया गया कि इनको मात्र 150 rs का डेली का भुगतान होना है और
अनक्वालिफाइड एम्पायर और एक तरफ पक्षपात के कारण ही ये सब विवाद हुआ है। ऐसा मुझे प्रतीत हुआ है। अब हम सभी ज्योर्तिमठ के लिए रवाना हो गए हैं और कल सुबह राज्य स्तरीय टीटी प्रतियोगिता में चार टीम ट्राफी जीतने की खुशी में विजय जुलूस निकाला जाएगा। धन्यवाद।
