मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, ईएपी योजनाएं, नाबार्ड योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की व्यय योजनाओं के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने पूंजीगत व्यय, सीएसएस, ईएपी एवं नाबार्ड पोषित योजनाओं के प्रस्तावों को समय पर भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रीइंबर्शमेंट दावा भी समय पर किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य कर रहे विभागों को और फंड्स उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन के लिए स्ट्रॉंग मैकेनिज्म तैयार किया जाए मुख्य सचिव ने सभी परियोजनाओं को समय से पूर्ण किए जाने हेतु…
Author: Utkarsh Jyoti
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, ईएपी योजनाएं, नाबार्ड योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की व्यय योजनाओं के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने पूंजीगत व्यय, सीएसएस, ईएपी एवं नाबार्ड पोषित योजनाओं के प्रस्तावों को समय पर भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रीइंबर्शमेंट दावा भी समय पर किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य कर रहे विभागों को और फंड्स उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन के लिए स्ट्रॉंग मैकेनिज्म तैयार किया जाए मुख्य सचिव ने सभी परियोजनाओं को समय से पूर्ण किए जाने हेतु…
तीन पश्चिमी विक्षोभों का असर: उत्तर भारत में बारिश-बर्फबारी का दौर नई दिल्ली/देहरादून : उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। तीन पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने से अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और आसपास के मैदानी इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तराखंड में 20 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन 21 से 24 जनवरी…
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में ग्लेशियर लेक्स के अध्ययन और प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (WIHG) को ग्लेशियर लेक के अध्ययन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया है। यह कदम राज्य में आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने और उनसे निपटने की रणनीति को और मजबूत करेगा। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी हिमालयी क्षेत्र में भूगर्भीय संरचना, हिमनद, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े अनुसंधान में एक अग्रणी संस्थान है। संस्थान की विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ अब उत्तराखंड में…
देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। राष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत एक शोधपत्र में खुलासा हुआ है कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में एक ही शिक्षक कई–कई विषय पढ़ाने को मजबूर है, जिसके चलते विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। चंपावत में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. अंकित जोशी द्वारा प्रस्तुत शोधपत्र में कहा गया कि उत्तराखंड सहित देश के अनेक राज्यों में विद्यालयों तक भौतिक पहुंच तो लगभग सुनिश्चित हो चुकी है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा…
शहर की बढ़ती समस्याओं पर होगी खुली चर्चा देहरादून: तेज़ी से फैलते देहरादून शहर में बढ़ती नागरिक और पर्यावरणीय चुनौतियों पर संवाद और समाधान की पहल करते हुए देहरादून सिटिज़न्स फ़ोरम 21 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे दून लाइब्रेरी में नागरिक–प्रशासन संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। कार्यक्रम में जिला प्रशासन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी देहरादून को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। फ़ोरम के अनुसार शहर में खुले में कूड़ा जलाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कमजोर व्यवस्था, अनियंत्रित पार्किंग, बढ़ता यातायात जाम, सड़क दुर्घटनाएं, खराब सड़कों और फुटपाथों की स्थिति, नशे की समस्या, वर्षा…
आरक्षित वन भूमि में अतिक्रमण का आरोप: अधिवक्ता संदीप चमोली ने पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी व HESCO पर लगाए गंभीर आरोप देहरादून: देश के प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं पद्म भूषण व पद्मश्री से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, जो Himalayan Environmental Studies & Conservation Organization (HESCO) के संस्थापक हैं, पर आरक्षित वन भूमि में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली ने देहरादून वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को इस संबंध में शिकायत सौंपते हुए जांच की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि देहरादून वन प्रभाग की आर्केडिया बीट,…
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, ईएपी योजनाएं, नाबार्ड योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की व्यय योजनाओं के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने पूंजीगत व्यय, सीएसएस, ईएपी एवं नाबार्ड पोषित योजनाओं के प्रस्तावों को समय पर भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रीइंबर्शमेंट दावा भी समय पर किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य कर रहे विभागों को और फंड्स उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन के लिए स्ट्रॉंग मैकेनिज्म तैयार किया जाए मुख्य सचिव ने सभी परियोजनाओं को समय से पूर्ण किए जाने हेतु…
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बना जनसेवा का सशक्त माध्यम, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 3.22 लाख से अधिक नागरिकों को मिला सीधा लाभ उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से शिकायत निस्तारण, सेवा वितरण और योजनाओं का अभूतपूर्व क्रियान्वयन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित जनसेवा का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सभी 13 जनपदों में लगातार जनसेवा शिविरों का आयोजन कर आम नागरिकों की समस्याओं का…
मुख्य सचिव ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं से बातचीत मुख्य सचिव ने किया शिक्षा की बात कार्यक्रम में प्रतिभाग मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को ननूरखेड़ा स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय पहुंचकर श्शिक्षा की बातश् कार्यक्रम के तहत् प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। हर बच्चा खास होता है, अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानते हुए आगे बढ़ाने का प्रयास करें कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हर बच्चा खास होता है। उसमें कोई न कोई विशेषता अवश्य होती…
