यह बयान All India Trade Union Congress (AITUC) की ओर से जारी किया गया है, जिसमें International Court of Justice (ICJ) के हालिया फैसले का स्वागत किया गया है।
मुख्य बातें:
ICJ ने माना कि हड़ताल का अधिकार (Right to Strike), International Labour Organization की Convention 87 के तहत एक मूल और संरक्षित अधिकार है।
AITUC ने इसे मजदूर वर्ग की बड़ी जीत बताया और कहा कि इससे उन ताकतों को झटका लगा है जो श्रमिक आंदोलनों को कमजोर करना चाहती थीं।
संगठन का कहना है कि भारत का Industrial Relations Code (IR Code) हड़ताल के अधिकार को सीमित करता है, इसलिए उसमें बदलाव होना चाहिए।
AITUC ने भारत सरकार से ILO Convention 87 और 98 को बिना किसी शर्त के तुरंत लागू (ratify) करने की मांग की।
संगठन ने गिरफ्तार ट्रेड यूनियन नेताओं की बिना शर्त रिहाई और उनकी सेवाएं बहाल करने की भी मांग की।
बयान में World Federation of Trade Unions (WFTU) सहित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों को धन्यवाद दिया गया।
अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया जिन्होंने इस मजदूर एकता पर कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष में साथ दिया।
साभार कामरेड अमरजीत सिंह कौर AIUTC महासचिव

