टॉप देहरादून
विष्णु तिवारी
संपादक उत्कर्ष ज्योति
सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप बहुगुणा ने उठाए सवाल, 36 प्रमाणपत्रों के फर्जी होने का दावा; एसआईटी और प्रशासन से व्यापक जांच की मांग
हल्द्वानी: मेडिकल कॉलेजों में दाखिले से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप बहुगुणा ने पत्रकार वार्ता में दावा किया कि फर्जी डोमिसाइल और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्रों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। उनके अनुसार, अब तक 36 प्रमाणपत्रों के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

18-18 प्रमाणपत्र जांच के लिए सौंपने का दावा
प्रदीप बहुगुणा ने बताया कि उन्होंने 18 डोमिसाइल और 18 स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्रों की संख्या समेत जानकारी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई है। उनका दावा है कि इन प्रमाणपत्रों के फर्जी होने के प्रमाण भी सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को भी प्रमाणपत्रों की संख्या और संबंधित दस्तावेजों के साथ पत्र भेजने की बात कही।
एक ही अधिकारी के हस्ताक्षर होने का आरोप
बहुगुणा ने आरोप लगाया कि संबंधित प्रमाणपत्र एसडीएम सदर के हस्ताक्षर से जारी किए गए हैं। उनका कहना है कि अभी सामने आए मामलों की संख्या 36 है और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद यह संख्या 50 तक पहुंच सकती है।
बागपत के छात्र के दाखिले का मामला भी उठाया
उन्होंने बागपत निवासी एक छात्रा एलिस तोमर के हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में दाखिले का मामला भी उठाया। बहुगुणा के मुताबिक, उन्होंने इस मामले को फर्जी प्रमाणपत्र से जुड़ा बताते हुए एसआईटी से जांच की मांग की थी। उनका कहना है कि एसआईटी ने फिलहाल उन्हीं पांच मामलों की जांच करने की बात कही है, जिनमें एफआईआर दर्ज है।
कुमाऊं आयुक्त से व्यापक जांच की मांग
बहुगुणा ने कुमाऊं आयुक्त से भी मामले की व्यापक जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर हो रही जांच की अपनी सीमाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर बाहरी अभ्यर्थियों को दाखिला मिला है तो जांच के बाद वास्तविक पात्र स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए सीटों का रास्ता साफ हो सकता है।
तीसरी काउंसलिंग शुरू होने से पहले जांच की मांग
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से संबंधित पक्षों को डाक के माध्यम से पत्र भेजे गए हैं, जिसके कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है। वहीं तीसरी काउंसलिंग शुरू होने वाली है। ऐसे में उनका कहना है कि प्रमाणपत्रों की जांच जल्द पूरी होना जरूरी है, ताकि दाखिले की प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट हो सके।
सीटों के बदले रकम लेने का भी लगाया आरोप
बहुगुणा ने आरोप लगाया कि बाहरी अभ्यर्थियों को कथित तौर पर 45-45 लाख रुपये लेकर सीटें उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद डोभाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई बातों का भी उन्होंने हवाला दिया। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच और आधिकारिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल मामले में एसआईटी की जांच, प्रशासनिक स्तर पर प्रमाणपत्रों का सत्यापन और विश्वविद्यालय की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फर्जी प्रमाणपत्रों और दाखिले से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

