हरिद्वार। उत्तराखंड में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत अन्य प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों पर लगी रोक को एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इसके तहत संबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
राज्य में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उससे संबंधित नियमों के तहत प्रतिबंध को आगे बढ़ाया गया है। संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग के मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने तथा प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण और वितरण से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखी जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पहले से लागू था प्रतिबंध
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अनुसार, तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत संबंधित उत्पादों पर प्रतिबंध पहले से लागू था। इसके तहत विभाग समय-समय पर जांच और कार्रवाई करता रहा है। अब शासन ने इस प्रतिबंध की अवधि एक वर्ष के लिए और बढ़ा दी है।
प्रतिबंध जारी रहने से संबंधित उत्पादों की आपूर्ति और बिक्री पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए विभागीय निगरानी जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि आदेश का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

