देश विदेश मे विभिन्न स्कूलों मे अध्य्यन और प्रधानाचार्य पद पर रहने के बाद 75 साल की उम्र मे मूर्ति कला का काम शुरू किया। अब वे 87 बरस के हैं और अब तक तीस से ऊपर बढिया मूर्तियां बना चुके हैं। पेंटिंग भी करते हैं।
ये है जसपाल दुग्गल। उन्होंने 3० मूर्तियां बनाई है। व चित्र भी बनाये हैं। जो अद्वितीय है।

मूर्तियां सजीव है। मुद्राये मुखर हैं। कह सकते है कि बहुत परिपक्व है। बारीकियाँ मुखर होती है ।
आज देवेंद्र कान्ड पाल के साथ उनके घर गया तो सुकून मिला इस कर्मयोगी को देखकर।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की मूर्ति बनाई। सिर्फ मूर्ति ही नही बनाई बल्कि जे की के संपूर्ण क्रांति आन्दोलन मे भी शामिल रहे । दिल्ली मार्च मे भी शामिल हुए। 1974 के आसपास ।
“सोस्लिस्ट पार्टी के पहले सचिव थे स्वाधीनता संग्राम सेनानी श्रीराम शर्मा प्रेम और बहुत बाद मे मै रहा सचिव,,” उन्होंने बताया।
आपातकाल के दौरान कार्य किया। राजेन्द्र प्रसाद डोभाल सुशील डोभाल रेखा शर्मा रंजना शर्मा रीता शर्मा रंजना डोभाल आदि आपातकाल से पहले जेपी के आह्वान पर दिल्ली गये थे। विजय स्नेही प्रभाकर उनियाल आदि बहुत लोग।
सामाजिक राजनीति मे भी दुग्गल सक्रिय रहे ।
पर मूर्ति कला मे उन्होंने अमर शहीद श्रीदेव सुमनआचार्य नरेन्द्र देव मधु लिमेय द्विवेदी सेन आदि बहुतो की मूर्तियां बनाईं। जो विभिन्न स्थानों पर लगी है।
वे आज भी 6 म्युनिसिपल रोड पर रह कर कार्य कर रहे हैं।
87 साल के दुग्गल से मेरा लगभग 45 साल बाद मिलना हुआ।
