हरिद्वार।
धर्मनगरी हरिद्वार में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने गुरु के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हरिद्वार पहुंचे। निरंजनी अखाड़े एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी के आश्रम में भी सुबह से देर शाम तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ गुरु पूजन किया, पुष्प अर्पित किए और दान-दक्षिणा समर्पित कर अपने गुरु से सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त किया। आश्रम में पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठान, गुरु वंदना, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

इस अवसर पर श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान का प्रकाश देकर जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और व्यक्ति को सत्य, सेवा एवं आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के बताए आदर्शों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन में चलकर ही व्यक्ति जीवन के वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर सकता है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हरिद्वार के विभिन्न आश्रमों, मठों और मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना, सत्संग एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे दिन धर्मनगरी गुरु भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के रंग में रंगी रही।

