देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पिता के तर्पण से जुड़ी कांग्रेस की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उत्तराखंड में सियासी विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे आस्था और सनातन परंपराओं से जुड़ा संवेदनशील विषय बताया है।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध नीतियों और विचारों तक सीमित रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब धार्मिक आस्था, सनातन परंपराओं और दिवंगत आत्मा से जुड़े संस्कारों को भी राजनीतिक विवाद का विषय बना रही है।
बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के पिता के श्राद्ध और तर्पण जैसे धार्मिक संस्कार पर टिप्पणी करना निंदनीय है। उनके मुताबिक, ऐसे संस्कारों को राजनीति का मुद्दा बनाना देवभूमि की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
माता-पिता पर टिप्पणी को बताया अनुचित
भाजपा नेता ने कांग्रेस की कथित टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद विचारधारा और नीतियों को लेकर हो सकते हैं, लेकिन नेताओं के माता-पिता और परिवार को राजनीतिक निशाने पर लाना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले राजनीतिक संदेश पर भी कटाक्ष किया और आरोप लगाया कि दूसरी ओर उसके नेताओं की ओर से आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं।
खड़गे की रैली के बाद भ्रम फैलाने का आरोप
नरेश बंसल ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति को ‘ओछी राजनीति’ बताते हुए पार्टी पर कई अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा।
उन्होंने वर्ष 2017 में कांग्रेस की ओर से तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को लेकर की गई कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने मोहम्मद दीपक मामले में राहुल गांधी की कथित चुप्पी और कांग्रेस नेताओं के कोटद्वार जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार और प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान भी मौजूद रहे।

