कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष और महामंत्री भी कार्रवाई की जद में, विभागीय जांच के बाद कुलपति ने जारी किए आदेश
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार के साथ हुई मारपीट के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने विभागीय जांच के आधार पर शनिवार को यह कार्रवाई की। निलंबित कर्मचारियों में कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज और महामंत्री नरेंद्र मलिक के अलावा अरुण, ओमवीर सिंह, उमाशंकर और सत्यदेव शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मचारियों को कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून से संबद्ध किया गया है।
विश्वविद्यालय में यह विवाद बीती 31 अक्तूबर को सामने आया था। जानकारी के अनुसार, कुलसचिव को सूचना मिली थी कि कुछ कर्मचारी जबरन कुलपति कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर वह स्वयं मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से अपने कार्यस्थल पर लौटने तथा विश्वविद्यालय का माहौल खराब नहीं करने की अपील की। आरोप है कि इसी बात से नाराज कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। कुलसचिव के साथ थप्पड़, मुक्कों और लात-घूंसों से हमला किए जाने का आरोप है।
घटना को लेकर यह भी आरोप लगाया गया कि मारपीट से पहले कुलपति कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, ताकि घटना रिकॉर्ड न हो सके। हालांकि, किसी व्यक्ति द्वारा बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। आरोप है कि घटना के बाद कर्मचारी कार्यालय की सीसीटीवी डीवीआर भी उखाड़कर ले गए। इसके अलावा गोपनीय फाइलें ले जाने और कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को जबरन बाहर निकालने के आरोप भी लगाए गए हैं।
मारपीट में कुलसचिव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा उन्हें लेकर कनखल कोतवाली पहुंचीं, जहां से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, वहां करीब एक सप्ताह से उनका उपचार चल रहा है।
घटना के बाद कनखल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी विभागीय जांच पूरी करने के बाद छह कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने बताया कि मामले की विभागीय जांच कराई गई थी। जांच के आधार पर छह कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और उन्हें देहरादून स्थित गुरुकुल परिसर से संबद्ध किया गया है। उधर, आर्य प्रतिनिधि सभा ने भी घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस जांच और विश्वविद्यालय की विभागीय कार्रवाई के बाद यह मामला अब और गंभीर हो गया है।

